Ranchi:
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने रांची में अपने तीसरे कैंपस की शुरुआत की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य झारखण्ड और देश के पूर्वी हिस्से में गुणवत्तापूर्ण, समाज से जुड़ी और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप उच्च शिक्षा को मज़बूती देना है। यह कैंपस अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन की शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं का विस्तार माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय का नया कैंपस शिक्षा, विकास अध्ययन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में अकादमिक ज्ञान और ज़मीनी अनुभव को जोड़ने पर केंद्रित होगा। रांची ज़िले के इटकी क्षेत्र में लगभग 150 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहे इस कैंपस में आधुनिक कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, खेल सुविधाएँ, छात्रावास और फैकल्टी आवास उपलब्ध कराए जाएँगे। साथ ही भविष्य में अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना की भी योजना है।
विश्वविद्यालय के नामित कुलपति ज़ुल्फ़िकार हैदर के अनुसार, रांची कैंपस झारखण्ड की सामाजिक और विकासात्मक ज़रूरतों, आदिवासी और अन्य समुदायों की ज्ञान परंपराओं तथा क्षेत्रीय संदर्भों से गहराई से जुड़कर काम करेगा। यहाँ स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और सतत शिक्षा कार्यक्रम संचालित किए जाएँगे।
शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शिक्षा, विकास अध्ययन, अर्थशास्त्र, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबिलिटी जैसे विषय शामिल होंगे। इसी शैक्षणिक सत्र से एमए एप्लाइड इकोनॉमिक्स और एमए डेवलपमेंट की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही लोकल डेवलपमेंट, प्रारंभिक बाल शिक्षा और शैक्षणिक मूल्यांकन में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े अल्पकालिक सर्टिफिकेट कार्यक्रम भी शुरू किए जाएँगे।
विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि रांची कैंपस ज्ञान सृजन, कौशल विकास और सामाजिक सरोकारों से जुड़े शोध को बढ़ावा देकर झारखण्ड और पूर्वी भारत के मानव विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
