एम्स पटना में 50 लाख रुपये के गबन का खुलासा, चीफ कैशियर निलंबित; विभागीय जांच तेज

आंतरिक ऑडिट में वित्तीय अनियमितताएं उजागर, सख्त कार्रवाई के संकेत


PATNA


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में करीब 50 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने चीफ कैशियर अनुराग अमन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, यह अनियमितता नियमित आंतरिक ऑडिट के दौरान सामने आई। ऑडिट टीम को कैश बुक, भुगतान रजिस्टर, रसीदों और बैंक खातों के मिलान में बड़ा अंतर मिला। कई नकद लेन-देन ऐसे पाए गए, जिनके लिए आवश्यक दस्तावेज और सक्षम स्वीकृति उपलब्ध नहीं थी, जिससे गबन की आशंका गहराई।

एम्स प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में वित्तीय नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। जांच अवधि के दौरान निलंबित अधिकारी को किसी भी प्रकार की वित्तीय जिम्मेदारी से अलग रखा गया है, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से हो सके।

वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें सेवा से बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई तक के विकल्प शामिल हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मामला आगे की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंपा जा सकता है।

प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इस प्रकरण का मरीजों की चिकित्सा सेवाओं और संस्थान के रोजमर्रा के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वित्तीय प्रक्रियाओं को और सख्त करने तथा आंतरिक ऑडिट सिस्टम मजबूत करने की योजना है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि संबंधित राशि को निवेश में लगाने और बाद में लौटाने का दावा किया गया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *