RIMS जमीन घोटाले में ACB का शिकंजा, फर्जी खेल का पर्दाफाश, पावर ऑफ अटॉर्नी धारक समेत 4 अरेस्ट


RANCHI


रांची RIMS की जमीन पर अतिक्रमण और धोखाधड़ी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी वंशावली तैयार कर सरकारी जमीन को निजी संपत्ति बताकर उसकी खरीद-बिक्री की।
जमीन दलाल और पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर भी शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में कार्तिक बड़ाईक, राज किशोर बड़ाईक, चेतन कुमार और राजेश कुमार झा शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि ये सभी मिलकर जमीन के अवैध सौदों में सक्रिय थे। इनमें से कुछ आरोपी जमीन दलाल के रूप में काम कर रहे थे, जबकि कुछ पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन के फर्जी ट्रांजैक्शन को अंजाम दे रहे थे।
कई धाराओं में केस दर्ज, जांच जारी
ACB थाना कांड संख्या 01/2026 के तहत दर्ज इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और संशोधित अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज किया गया है। एसीबी के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तारी की गई है और आगे की जांच तेजी से जारी है।
इस कार्रवाई को रांची में सरकारी जमीन पर कब्जा और फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे ऐसे मामलों में शामिल अन्य लोगों पर भी शिकंजा कसने की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *