DHANBAD
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, धनबाद (ACB) की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजा वितरण के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भुगतान कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ 6 अप्रैल 2026 को निगरानी न्यायालय, धनबाद में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। आरोपियों के संक्षिप्त परिचय इस प्रकार हैं:
- उदयकांत पाठक – तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, धनबाद
- मिथिलेश कुमार – तत्कालीन कानूनगो, जिला भू-अर्जन कार्यालय, धनबाद
- सुमेश्वर शर्मा – स्थानीय निवासी, मामले में संलिप्त आरोपी
- अनुपमा कुमारी उर्फ अनुपम कुमारी – तत्कालीन निम्नवर्गीय लिपिक, भू-अर्जन कार्यालय, धनबाद
- शंकर प्रसाद दूबे – तत्कालीन अमीन, भू-अर्जन कार्यालय, धनबाद
- आलोक बरियार उर्फ जैकी लाला – स्थानीय व्यक्ति/बिचौलिया के रूप में संलिप्त
- सुशील प्रसाद – स्थानीय निवासी, मामले में शामिल
- विशाल कुमार – तत्कालीन अंचलाधिकारी, धनबाद
- रविन्द्र कुमार – तत्कालीन दैनिक वेतनभोगी अमीन, भू-अर्जन कार्यालय
- कुमारी रत्नाकर उर्फ रत्नाकर देवी – निजी व्यक्ति, मामले में संलिप्त
- दिलीप गोप – स्थानीय निवासी, आरोपी
- बप्पी राय चौधरी उर्फ गोपीराय चौधरी – स्थानीय व्यक्ति, मामले में शामिल
- रामकृपाल गोस्वामी – चेयरमैन, लखियाबाद (पैक्स)
- अशोक कुमार महथा – स्थानीय निवासी, आरोपी
- उमेश महतो – तत्कालीन दैनिक वेतनभोगी अमीन, भू-अर्जन कार्यालय
- अनिल कुमार उर्फ अनिल कुमार सिन्हा – स्थानीय निवासी, आरोपी
- काली प्रसाद सिंह – प्रबंधक, गंडुवा पैक्स, धनबाद
जांच में पाया गया कि कई सरकारी अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिचौलियों के साथ मिलकर फर्जी कागजात के आधार पर मुआवजा भुगतान किया। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
