RANCHI
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रेस वार्ता कर पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक निर्मला देवी की गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि दोनों शांतिपूर्ण धरना पर बैठे थे और ग्रामीणों के हक-अधिकार की लड़ाई लड़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है।
केशव महतो ने कहा कि योगेंद्र साव और निर्मला देवी NTPC द्वारा अधिग्रहित जमीन के उचित मुआवजे को लेकर आंदोलन कर रहे थे। प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण से पहले लोग सामान्य जीवन जी रहे थे, लेकिन अधिग्रहण के बाद कई परिवार अब तक मुआवजे से वंचित हैं।
उन्होंने बताया कि हजारीबाग के प्रशासनिक अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की गई है और दोनों नेताओं की रिहाई की मांग रखी गई है। साथ ही राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार में अधिकारी कानून का पालन नहीं कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 19 फरवरी की दोपहर करीब तीन बजे पुलिस ने योगेंद्र साव और निर्मला देवी को हिरासत में लिया। योगेंद्र साव पर बड़कागांव, केरेडारी और पगार ओपी समेत कई थानों में मामले दर्ज हैं। वे 31 दिसंबर 2025 से चट्टी बरियातू कोल माइंस परियोजना को लेकर धरने पर बैठे थे और पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से ही गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी से पहले वे अपनी बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के साथ दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी। दिल्ली से लौटने के बाद वे सीधे धरना स्थल पहुंचे, जहां से उन्हें हिरासत में लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रेस कांफ्रेस में बंधु तिर्की व अन्य नेता मौजूद थे।
