RANCHI
झारखंड राज्य में वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन के लिए गठित विशेष बल झारखंड जगुआर (एसटीएफ) ने अपना 18वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाया। वर्ष 2008 में गठित इस विशेष बल ने राज्य में नक्सल उन्मूलन की दिशा में अपनी अलग और सशक्त पहचान बनाई है।
दिनांक 19 फरवरी 2026 को झारखंड जगुआर प्रांगण, टेन्डर ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तदाशा मिश्र, महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड ने भव्य परेड की सलामी ली। इस अवसर पर कमांडो दस्ते ने नक्सल विरोधी अभियानों का प्रदर्शन भी किया, जिसने उपस्थित अधिकारियों और जवानों का उत्साह बढ़ाया।
18 वर्षों की उपलब्धियां
पिछले 18 वर्षों में झारखंड जगुआर ने राज्य के दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों—बूढ़ा पहाड़, ट्राई जंक्शन, पारसनाथ, लुगुझुमरा, कोल्हान और सारंडा—में प्रभावी अभियान चलाकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। बल द्वारा अब तक 303 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है तथा 50 दुर्दांत उग्रवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है।
नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान 24 वीर जवानों और पदाधिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। कार्यक्रम में इन सभी शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि राज्य में नक्सल हिंसा में आई कमी झारखंड जगुआर के उत्कृष्ट प्रशिक्षण, नेतृत्व और साहस का परिणाम है।
सम्मान और योगदान
झारखंड जगुआर के अधिकारियों एवं कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए अब तक 68 सराहनीय सेवा पुलिस पदक, 3 विशिष्ट सेवा पुलिस पदक, 17 वीरता पदक, 53 आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक सहित कई अन्य सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं।
वर्तमान में झारखंड जगुआर की टीमें चाईबासा जिले के सारंडा क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ सघन अभियान चला रही हैं। झारखंड पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के साथ संयुक्त कार्रवाई से राज्य को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शहीद परिवारों का सम्मान, रक्तदान शिविर आयोजित
स्थापना दिवस के अवसर पर 24 शहीद जवानों के परिजनों को उनके गृह जिलों में सम्मानित किया गया। साथ ही मुख्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
झारखंड जगुआर अपने आदर्श वाक्य “जीत ही लक्ष्य” को चरितार्थ करते हुए राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में पुलिस मुख्यालय, झारखंड के वरिष्ठ अधिकारियों, अर्द्धसैनिक बलों के प्रतिनिधियों और पुलिस परिवार के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
