हैदराबाद के आर्चबिशप पूला एंथनी को मिला राष्ट्रीय नेतृत्व, बने CBCI प्रमुख, दलित कार्डिनल पूला एंथनी के हाथों में चर्च की कमान, CBCI अध्यक्ष पद पर चयन
New Delhi
भारत के पहले दलित कार्डिनल और हैदराबाद के आर्चबिशप पूला एंथनी को कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) का नया अध्यक्ष चुना गया है। शनिवार को आयोजित 37वीं आमसभा में उनके नाम पर मुहर लगी।
64 वर्षीय कार्डिनल एंथनी अब देश के करीब 2 करोड़ कैथोलिकों के सर्वोच्च नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले यह पद केरल के आर्चबिशप एंड्रयूज थाझाथु के पास था।
CBCI की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कार्डिनल एंथनी दशकों के पादरी अनुभव और प्रशासनिक नेतृत्व के साथ चर्च को ऐसे समय में दिशा देंगे, जब उसे विश्वास, न्याय और मानव गरिमा से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभानी है।
अल्पसंख्यक अधिकारों की आवाज उठाने की जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, भारत में चर्च इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में कार्डिनल एंथनी चर्च के प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के समक्ष पक्ष रखेंगे।
पूला एंथनी का जन्म 15 नवंबर 1961 को आंध्र प्रदेश के कुरनूल डायोसिस के पोलुरु में हुआ था। उन्होंने नुज़विद के माइनर सेमिनरी में प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद बेंगलुरु स्थित सेंट पीटर्स पोंटिफिकल सेमिनरी में अध्ययन किया। 20 फरवरी 1992 को उन्हें पादरी के रूप में अभिषेकित किया गया।
उन्होंने अपने शुरुआती वर्षों में विभिन्न पैरिशों में सेवा दी। 2001 से 2003 के बीच उन्होंने अमेरिका में पादरी देखभाल में मास्टर डिग्री हासिल की और शिकागो में भी सेवाएं दीं।
2004 से 2008 तक वे ‘क्रिश्चियन फाउंडेशन फॉर चिल्ड्रेन एंड एजिंग’ के निदेशक रहे। इसके बाद 8 फरवरी 2008 को उन्हें कुरनूल का बिशप नियुक्त किया गया।
19 नवंबर 2020 को पोप फ्रांसिस ने उन्हें हैदराबाद का मेट्रोपोलिटन आर्चबिशप नियुक्त किया। 27 अगस्त 2022 को आयोजित कंसिस्ट्री में पोप फ्रांसिस ने उन्हें कार्डिनल घोषित किया।
