Patna
बिहार विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच कई बार तीखी नोकझोंक देखने को मिली। चर्चा का केंद्र PMCH, नल-जल योजना और राज्य के विकास कार्य रहे, लेकिन विपक्ष के शोरगुल के बीच बहस राजनीतिक तंज तक पहुंच गई।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पहले राज्य में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, लेकिन 2018 तक हर घर बिजली पहुंचाई गई और शुरू से ही सस्ती दर पर बिजली दी गई। इस पर विपक्ष की ओर से टोका-टाकी शुरू हो गई।
तेजस्वी यादव की ओर से तंज कसने पर मुख्यमंत्री ने पुराने कार्यकाल का ज़िक्र करते हुए कहा कि “इन्हें तैयार किया गया था, उस समय सब ठीक चल रहा था, लेकिन बाद में इधर-उधर करने लगे।” तेजस्वी की ओर इशारा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उस दौर में लोगों को खींचने और पैसे के लेन-देन जैसी बातें सामने आईं, इसी कारण उन्हें हटाया गया।
इस पर तेजस्वी यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि “आप ही इधर-उधर करते हैं।” जवाब में मुख्यमंत्री ने उन्हें टोकते हुए कहा, “अरे बैठो, बैठो न तुम,” जिस पर सदन में ठहाके गूंज उठे और तेजस्वी यादव भी मुस्कुराते नजर आए।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और कहा कि डबल इंजन सरकार और दो-दो उपमुख्यमंत्रियों के बावजूद बिहार आज भी विकास के मामले में पीछे है। साथ ही उन्होंने विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज की मांग को लेकर सरकार से आगे बढ़ने की अपील की।
विधानसभा में हुई इस नोकझोंक ने एक बार फिर बिहार की राजनीति का सियासी तापमान बढ़ा दिया।
