PATNA
केंद्रीय बजट 2026 में बिहार को कई अहम विकास परियोजनाओं की सौगात मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में घोषणा की कि पटना और वाराणसी में शिप रिपेयरिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसका उद्देश्य गंगा समेत अन्य नदियों के जरिए माल ढुलाई को बढ़ावा देना है।
सरकार ने बताया कि पटना और वाराणसी को वाटरवेज हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही जलमार्गों के बेहतर इस्तेमाल के लिए आवश्यक प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बिहार को मिलेगा विकास का सीधा लाभ
बजट में बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी कई अन्य घोषणाएं भी की गई हैं। सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल खोलने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे छात्राओं को शिक्षा में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही शुगर और कैंसर की दवाओं को सस्ता करने का ऐलान किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि देश के सांस्कृतिक, पौराणिक और विरासत स्थलों का डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन किया जाएगा। इसके लिए नेशनल डेस्टिनेशनल डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्थापना होगी, जिसमें बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल भी शामिल होंगे।
इसके अलावा देश के 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास से मत्स्य पालन को मजबूती मिलेगी। साथ ही पशुपालन क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे, जिसका लाभ बिहार को भी मिलेगा।
खादी, सेमीकंडक्टर और नई योजनाएं
बजट में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने की घोषणा की गई है। वहीं India Semiconductor Mission (ISM) 2.0 के शुभारंभ का भी एलान हुआ है, जिसमें बिहार की भूमिका तय की जाएगी।
TDS और TCS में राहत
- विदेश यात्रा पैकेज पर लगने वाला TCS अब 5% और 20% से घटाकर 2% किया गया
- शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए LRS के तहत TCS 5% से घटाकर 2%
- मानव संसाधन सेवाओं को TDS के तहत स्पष्ट रूप से शामिल किया गया
- मानव संसाधन सेवाओं पर TDS अब केवल 1% या 2% की दर से लगेगा
दिव्यांगजनों के लिए विशेष योजनाएं
बजट में दिव्यांगजनों के लिए दो अहम योजनाओं की घोषणा की गई—
- दिव्यांगजन कौशल योजना: उद्योग के अनुकूल विशेष प्रशिक्षण
- दिव्यांग सहारा योजना: एल्मिको को सहायक उपकरणों के उत्पादन, R&D और AI इंटीग्रेशन के लिए समर्थन
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 में बिहार को इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, सामाजिक कल्याण और औद्योगिक विकास के लिहाज़ से अहम लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
