हर प्रखंड से कम से कम 10 बेसहारा बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने पर जोर
Ranchi
उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार आज 24 जनवरी 2026 को उप विकास आयुक्त रांची सौरभ कुमार की अध्यक्षता में सरकार द्वारा संचालित प्रायोजन (Sponsorship) योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला रांची के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, शहरी क्षेत्र के अंचल अधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग तथा जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड द्वारा जारी प्रायोजन देखभाल योजना (Sponsorship Care Plan) 2018 के दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि योजना का मुख्य उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बेसहारा बच्चों (बालक/बालिका) के जीवन स्तर में सुधार करना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹75,000 तक है।
योजना के अंतर्गत उन बच्चों को लाभ देने का प्रावधान है, जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो, जिन्हें परित्याग का सामना करना पड़ा हो, जो रिश्तेदारों की देखरेख में रह रहे हों या जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी, पूर्ण दिव्यांगता या कारावास जैसी परिस्थितियों में हों। इसके अलावा बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी अथवा किसी भी प्रकार के शोषण से प्रभावित बच्चों को भी इस योजना में शामिल किया जाता है। ऐसे परिवारों को बच्चों की पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और समग्र विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता दी जाती है।
बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं शहरी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने प्रखंड और क्षेत्र से कम से कम 10 बेसहारा बच्चों की पहचान सुनिश्चित करें। चिन्हित बच्चों की सूची एवं संबंधित विवरण अनिवार्य रूप से 31 जनवरी 2026 (शनिवार) तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
यह योजना झारखंड सरकार की बाल संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है, जिसके जरिए जरूरतमंद और बेसहारा बच्चों को बेहतर भविष्य देने का प्रयास किया जा रहा है।
