बिहार में खेती को मिलेगा नया इंजन, हर पंचायत में कस्टम हायरिंग सेंटर से किसानों को मिलेंगे आधुनिक कृषि यंत्र

खेती होगी आसान और सस्ती, ट्रैक्टर से लेकर हार्वेस्टर तक किराये पर उपलब्ध होंगे उपकरण

Patna  

बिहार में खेती को आधुनिक बनाने और छोटे-मझोले किसानों की लागत कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य की प्रत्येक पंचायत में कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे किसानों को महंगे उपकरण खरीदने की मजबूरी से राहत मिलेगी और खेती की उत्पादकता बढ़ेगी।

इन कस्टम हायरिंग सेंटरों में ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, थ्रेसर, हार्वेस्टर सहित अन्य आधुनिक मशीनें उपलब्ध होंगी। किसान अपनी जरूरत के अनुसार इन्हें निर्धारित शुल्क पर किराये पर ले सकेंगे। खास बात यह है कि यह सुविधा गांव स्तर पर उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को दूर शहरों या प्रखंड मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सरकार का मानना है कि छोटे और सीमांत किसान आधुनिक तकनीक के अभाव में पिछड़ जाते हैं। कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए उन्हें भी वही संसाधन मिल सकेंगे, जो बड़े किसानों के पास होते हैं। इससे समय की बचत होगी, लागत घटेगी और फसल उत्पादन में सुधार आएगा।

इस योजना से ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। पंचायत स्तर पर मशीनों के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ा जाएगा। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो बिहार में खेती का स्वरूप तेजी से बदलेगा और किसानों की आमदनी बढ़ाने में यह पहल अहम भूमिका निभाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *