Ranchi
गोवा के अरपोरा इलाके में रविवार देर रात एक रेस्टोरेंट-कम-क्लब में लगी भीषण आग ने 25 से ज्यादा लोगों की जान ले ली. मरने वालों में झारखंड के तीन युवक भी शामिल हैं। रांची जिले के लापुंग प्रखंड के फतेहपुर निवासी प्रदीप महतो (24) और उनके भाई विनोद महतो (22), पिता—धनेश्वर महतो, तथा खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के गोविंदपुर निवासी मोहित मंडा (22), पिता—एतवा मंडा, इस दर्दनाक हादसे में नहीं बचे। तीनों कुक के तौर पर काम करने कुछ महीने पहले ही गोवा गए थे।
हादसे के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और देशभर के नेताओं ने दुख जताया है। वहीं गोवा के मुख्यमंत्री ने इस घटना को राज्य के पर्यटन इतिहास का सबसे बड़ा हादसा बताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्लब में फायर सेफ्टी के नियमों का गंभीर उल्लंघन हुआ था, जिसने हादसे को और भयावह बना दिया।
मृतकों के परिजन भी सदमे में हैं। मृतकों में दो भाइयों के चाचा नारायण माथुर ने ANI को बताया कि उन्हें सुबह घटना की जानकारी मिली। उन्होंने कहा, “दोनों मेरे भतीजे थे। किचन में काम करते थे। एक पड़ोसी युवक भी उसी हादसे में मारा गया। हम सभी झारखंड से हैं और कुछ महीने पहले ही गोवा काम के लिए आए थे।”
इमरजेंसी टीमों को आधी रात के बाद घटना की सूचना मिली, जिसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया जबकि प्रशासन पूरी रात आग पर काबू पाने की कोशिश करता रहा। गोवा के मुख्यमंत्री ने बताया कि वे रात करीब 1:30 बजे मौके पर पहुंचे और मौके पर ही बचाव कार्य की निगरानी की। उनके अनुसार, आग लगभग आधे घंटे में बुझा दी गई, लेकिन तब तक कई लोग बाहर नहीं निकल पाए थे।
हादसे के बाद क्लब के मालिकों पर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए गए हैं, जबकि मैनेजर समेत कई जिम्मेदार लोगों को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी पाए जाने वालों को सख्त सजा दी जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा कि यह बेहद पीड़ादायक हादसा है और मरांग बुरु से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्राप्त हो।
