NEW DELHI
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अब टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी उड़ान भर रहे हैं। उन्होंने DGCA (Directorate General of Civil Aviation) से प्रमाणित ड्रोन पायलट लाइसेंस हासिल कर लिया है। धोनी ने अपनी ट्रेनिंग चेन्नई स्थित गरुड़ा एयरोस्पेस के DGCA-मान्यता प्राप्त सेंटर से पूरी की।
धोनी का मशीनों के प्रति लगाव किसी से छिपा नहीं है—चाहे वह विंटेज कारों का कलेक्शन हो या सुपरबाइक की सवारी। अब उन्होंने अपने इस जुनून को एक नए आयाम तक पहुंचा दिया है। मंगलवार (7 अक्टूबर) को धोनी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब वह अधिकृत ड्रोन पायलट बन गए हैं।
भारत की प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनी गरुड़ा एयरोस्पेस ने भी इसकी पुष्टि की। कंपनी ने बताया कि धोनी ने चेन्नई स्थित ट्रेनिंग सेंटर में सफलतापूर्वक कोर्स पूरा किया है। गौरतलब है कि धोनी इस कंपनी के ब्रांड एम्बेसडर और निवेशक दोनों हैं।
कंपनी के फाउंडर और CEO अग्निश्वर जयप्रकाश ने सोशल मीडिया पर लिखा,
“हमारे ब्रांड एम्बेसडर और निवेशक एम.एस. धोनी का व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षण लेना और सर्टिफाइड पायलट बनना हमारे लिए एक बड़ा माइलस्टोन है। उन्होंने यह ट्रेनिंग बेहद समर्पण और तेजी से पूरी की। ड्रोन इंडस्ट्री में इनोवेशन को आगे बढ़ाने के हमारे मिशन में उनका भरोसा हमारी पूरी टीम के लिए प्रेरणादायक है।”
गरुड़ा एयरोस्पेस अब तक 2,500 से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित कर चुकी है। धोनी का यह कदम न सिर्फ टेक्नोलॉजी क्षेत्र के प्रति उनकी रुचि को दिखाता है, बल्कि उनके सीखते रहने की जिज्ञासा को भी साबित करता है।
धोनी इससे पहले भी क्रिकेट के बाहर नई भूमिकाएँ निभा चुके हैं। भारतीय सेना ने उन्हें 2011 में टेरिटोरियल आर्मी के पैराशूट रेजिमेंट में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी थी। 2019 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अपनी यूनिट के साथ सेवा देते हुए पैराट्रूपर क्वालिफिकेशन भी हासिल की थी।
अब ड्रोन उड़ाने का यह नया अध्याय, माही के जीवन में एक और “टेक्नो-टच” जोड़ता है — मैदान से आसमान तक, वह हर दिशा में उड़ान भर रहे हैं।
