PALAMU
पलामू के मेदिनीनगर स्थित पोखराहा और जोड़ के पास फोरलेन हाईवे लगातार हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। बीते एक सप्ताह में यहां हुई दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। गुरुवार को ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, मंत्री और डीसी को दिए निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया है। उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ और पलामू के उपायुक्त को निर्देश दिया है कि संबंधित मार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं। साथ ही की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि फोरलेन पर पर्याप्त संकेतक, हाईमास्ट लाइट और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभाव है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जबकि तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने के कारण कई अनमोल जानें चली गईं।
झामुमो नेता की मांग के बाद हुई त्वरित पहल
स्थानीय झामुमो नेता सन्नी शुक्ला ने मुख्यमंत्री से इस गंभीर समस्या पर हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि प्रशासन और सरकार की सक्रियता से भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है।
स्पीड ब्रेकर, फ्लाईओवर और शराब दुकानों पर भी उठी मांग
हादसों से चिंतित ग्रामीणों ने दुर्घटनास्थल पर स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप्स, स्पीड कैमरा और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके अलावा लंबित फ्लाईओवर निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने और हाईवे किनारे संचालित शराब दुकानों को बंद करने की भी मांग उठाई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम अब समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं।
